धूप से बचाव
भारत के लिए सनस्क्रीन गाइड: SPF, PA रेटिंग और लगाने का सही तरीका
ज़्यादातर भारतीयों के लिए broad spectrum SPF 30 से 50 और PA+++ या ज़्यादा वाला सनस्क्रीन सही है, भरपूर लगाएं और बाहर हों तो हर 2 घंटे में दोबारा लगाएं।

संक्षेप में जवाब
ऐसा broad spectrum सनस्क्रीन चुनें जिसमें SPF 30 से 50 और PA रेटिंग PA+++ या PA++++ हो, इतना लगाएं कि चेहरा और गर्दन पूरी तरह ढक जाएं, और जब आप बाहर हों या पसीना आ रहा हो तो हर 2 घंटे में दोबारा लगाएं। भारतीय भूरी त्वचा पर सनस्क्रीन का काम sunburn से ज़्यादा टैनिंग, melasma और काले निशानों को रोकना है, इसलिए बादल वाले दिनों में भी रोज़ लगाना ज़रूरी है।
इस लेख में 11 हिस्से
- SPF और PA का असल मतलब क्या है?
- क्या ज़्यादा SPF हमेशा बेहतर होता है?
- मुझे कितना सनस्क्रीन लगाना चाहिए?
- भारतीय गर्मियों में कितनी बार दोबारा लगाना चाहिए?
- Mineral या chemical सनस्क्रीन: भूरी त्वचा के लिए कौन सा बेहतर है?
- मेरी स्किन टाइप के लिए कौन सा texture सही है?
- क्या सनस्क्रीन से vitamin D बनना बंद हो जाता है?
- सनस्क्रीन के अलावा और क्या त्वचा को बचाता है?
- सनस्क्रीन की आम गलतियां
- क्या सनस्क्रीन बच्चों के लिए और pregnancy में सुरक्षित है?
- Dermatologist को कब दिखाएं
- लोग अक्सर पूछते हैं
- स्रोत (Sources)
यह लेख Sunscreen Guide for India: SPF, PA Ratings and How to Apply का हिंदी संस्करण है।
भारत में ज़्यादातर लोगों के लिए सबसे अच्छा सनस्क्रीन (sunscreen) वह है जो broad spectrum हो, जिसमें SPF 30 से 50 और PA रेटिंग PA+++ या PA++++ हो, जिसे हर सुबह भरपूर मात्रा में लगाया जाए और बाहर रहने पर हर 2 घंटे में दोबारा लगाया जाए। कौन सा ब्रांड है, इससे कहीं ज़्यादा ज़रूरी यह है कि आप ऐसा texture चुनें जो आपको इतना पसंद हो कि आप उसे रोज़ लगा सकें।
भारत भूमध्य रेखा (equator) के काफ़ी पास है, और साल के ज़्यादातर समय दोपहर तक ज़्यादातर शहरों में UV index high से extreme रहता है। भूरी त्वचा पर दिखने वाला नुकसान आमतौर पर sunburn नहीं होता। वह होता है टैनिंग, असमान रंगत, melasma, और मुंहासों के वो निशान जो जाने का नाम नहीं लेते। सनस्क्रीन उन गिने-चुने स्किनकेयर स्टेप्स में से है जिनके पीछे मज़बूत evidence है, और यह लगभग हर उस इलाज में मदद करता है जो आपका dermatologist सुझा सकता है।
SPF और PA का असल मतलब क्या है?
धूप में दो मुख्य तरह की ultraviolet किरणें होती हैं जो त्वचा पर असर डालती हैं।
- UVB sunburn करती है और skin cancer में योगदान देती है। SPF (sun protection factor) UVB से सुरक्षा को मापता है।
- UVA त्वचा में ज़्यादा गहराई तक जाती है, खिड़की के शीशे से भी पार हो जाती है, और टैनिंग, pigmentation और त्वचा की उम्र बढ़ने (ageing) का बड़ा कारण है। PA रेटिंग, जो भारत समेत एशियाई बाज़ारों में ख़ूब इस्तेमाल होती है, UVA से सुरक्षा बताती है।
PA रेटिंग PA+ से PA++++ तक होती है। जितने ज़्यादा plus के निशान, उतनी ज़्यादा UVA सुरक्षा। क्योंकि भारतीय त्वचा में टैनिंग और melasma का बड़ा कारण UVA है, इसलिए PA रेटिंग पर भी उतना ही ध्यान देना चाहिए जितना SPF नंबर पर। अगर किसी प्रोडक्ट पर PA रेटिंग नहीं लिखी है, तो broad spectrum शब्द देखें, जिसका मतलब है कि उसे UVA और UVB दोनों के लिए टेस्ट किया गया है।
| लेबल | इससे क्या पता चलता है | भारत में क्या देखें |
|---|---|---|
| SPF 15 | बुनियादी UVB सुरक्षा | भारतीय गर्मियों के लिए बहुत कम |
| SPF 30 | लगभग 97 प्रतिशत UVB रोकता है | रोज़ के इस्तेमाल के लिए अच्छा न्यूनतम स्तर |
| SPF 50 | लगभग 98 प्रतिशत UVB रोकता है | लंबे समय बाहर रहने और melasma में उपयोगी |
| PA++ | मध्यम UVA सुरक्षा | pigmentation के लिए आमतौर पर काफ़ी नहीं |
| PA+++ | ज़्यादा UVA सुरक्षा | रोज़ के लिए अच्छा विकल्प |
| PA++++ | बहुत ज़्यादा UVA सुरक्षा | melasma और जल्दी टैन होने वाली त्वचा के लिए सबसे अच्छा |
क्या ज़्यादा SPF हमेशा बेहतर होता है?
असल में नहीं। SPF 30 से SPF 50 तक का फ़र्क छोटा है, और 50 से ऊपर का कोई भी नंबर व्यवहार में बहुत कम जोड़ता है। बड़ी समस्या यह है कि लगभग हर कोई बहुत कम मात्रा में लगाता है। SPF की वैल्यू प्रोडक्ट की मोटी परत लगाकर मापी जाती है, और पतली सी परत आपको बोतल पर लिखी सुरक्षा का बस एक हिस्सा दे सकती है। सही तरीके से लगाया गया SPF 30, नाममात्र लगाए गए SPF 100 से बेहतर है।
मुझे कितना सनस्क्रीन लगाना चाहिए?
चेहरे और गर्दन के लिए एक आसान तरीका है लगभग दो उंगली भर lotion या cream, यानी इसे अपनी तर्जनी (index finger) और बीच वाली उंगली पर लंबाई में निकालें। पूरे शरीर के लिए NHS सुझाता है कि सिर, बाहों और गर्दन को ढकने के लिए लगभग 2 छोटे चम्मच (teaspoon), और अगर आप शरीर का ज़्यादातर हिस्सा ढक रहे हैं तो लगभग 2 बड़े चम्मच (tablespoon)।
कुछ आदतें मदद करती हैं:
- सनस्क्रीन को सुबह की routine का आख़िरी स्टेप बनाएं, moisturiser के बाद।
- makeup से पहले कुछ मिनट रुकें ताकि सनस्क्रीन बैठ जाए।
- कान, गर्दन के किनारे, हाथों का पिछला हिस्सा और बालों की मांग (parting) न भूलें।
- अगर आप बाहर समय बिताते हैं तो SPF वाला lip balm इस्तेमाल करें।
भारतीय गर्मियों में कितनी बार दोबारा लगाना चाहिए?
जब आप बाहर हों तो हर 2 घंटे में दोबारा लगाएं, और ज़्यादा पसीना आने, तैरने या तौलिए से पोंछने के तुरंत बाद भी। मई और जून में दोपहिया वाहन पर आना-जाना या दोपहर में बाज़ार तक पैदल जाना भी दोबारा लगाने के लिए काफ़ी वजह है।
अगर makeup के ऊपर दोबारा लगाना नामुमकिन लगे, तो विकल्प हैं sunscreen stick, sunscreen powder, या spray, जिन्हें सुबह सही से लगाई गई परत के ऊपर top up की तरह इस्तेमाल किया जाए। Spray और powder को पर्याप्त मात्रा में लगाना मुश्किल होता है, इसलिए ये top up के रूप में सबसे अच्छे काम करते हैं, आपकी इकलौती सुरक्षा के रूप में नहीं।
अगर आप खिड़कियों से दूर घर या ऑफ़िस के अंदर काम करते हैं, तो ज़्यादातर दिनों में सुबह की भरपूर परत काफ़ी हो सकती है। अगर आप धूप वाली खिड़की के पास बैठते हैं या ज़्यादा ड्राइव करते हैं, तो लंच के समय दोबारा लगाएं।
Mineral या chemical सनस्क्रीन: भूरी त्वचा के लिए कौन सा बेहतर है?
दोनों अच्छी सुरक्षा दे सकते हैं। चुनाव आपकी त्वचा, आप क्या सहन कर पाते हैं और प्रोडक्ट आप पर कैसा दिखता है, इस पर निर्भर करता है।
| प्रकार | Filters | फ़ायदे | भारतीय त्वचा पर कमियां |
|---|---|---|---|
| Mineral (physical) | Zinc oxide, titanium dioxide | सौम्य, संवेदनशील और rosacea वाली त्वचा के लिए अच्छा | सफ़ेद या ग्रे परत छोड़ सकता है |
| Chemical (organic) | कई तरह के UV सोखने वाले filters | हल्का, दिखता नहीं, नमी (humidity) में आरामदायक | कभी-कभी चुभन या संवेदनशीलता |
| Tinted mineral | Mineral filters के साथ iron oxides | बेहतर घुल-मिल जाता है, कुछ visible light भी रोकता है | सही शेड मिलाना मुश्किल हो सकता है |
| Hybrid | दोनों का मिश्रण | एहसास और सुरक्षा में संतुलन | formulation के हिसाब से अलग |
सफ़ेद परत (white cast) एक असली वजह है जिसके कारण कई भारतीय सनस्क्रीन लगाना छोड़ देते हैं। अगर mineral सनस्क्रीन आप पर चॉक जैसा दिखता है, तो अपनी स्किन टोन के करीब वाला tinted version आज़माएं, या कोई हल्का chemical या hybrid formula। Iron oxides वाले tinted सनस्क्रीन visible light से भी कुछ सुरक्षा देते हैं, जो melasma और pigmentation वाले लोगों के लिए मायने रखता है। इसके बारे में और जानकारी हमारी भारतीय त्वचा पर melasma वाली गाइड में पढ़ें।
मेरी स्किन टाइप के लिए कौन सा texture सही है?
- Oily या मुंहासे वाली त्वचा: gels, fluids और matte finish lotions जिन पर non comedogenic लिखा हो। ये नमी वाले मौसम में अच्छे से टिकते हैं।
- रूखी (dry) त्वचा: moisturising ingredients वाली creams या lotions, ख़ासकर उत्तर भारत की सर्दियों में।
- संवेदनशील या rosacea वाली त्वचा: fragrance free mineral या सौम्य hybrid formulas।
- बहुत पसीने वाले दिन या खेल: water resistant सनस्क्रीन, जिसे पसीना आने के बाद दोबारा लगाएं।
अगर मुंहासे आपकी मुख्य चिंता हैं, तो हमारा लेख भारतीय त्वचा पर मुंहासे बताता है कि रोमछिद्र (pores) बंद किए बिना सनस्क्रीन को acne के इलाज के साथ कैसे इस्तेमाल करें।
क्या सनस्क्रीन से vitamin D बनना बंद हो जाता है?
रोज़मर्रा के इस्तेमाल में लोग शायद ही कभी इतना सनस्क्रीन, इतनी नियमितता से लगाते हैं कि vitamin D बनना पूरी तरह रुक जाए। भारत में vitamin D की कमी कई कारणों से आम है, जिनमें खानपान और घर के अंदर रहने वाली जीवनशैली शामिल हैं। अगर आपको चिंता है, तो सनस्क्रीन छोड़ने की बजाय अपने डॉक्टर से टेस्ट के बारे में पूछें।
सनस्क्रीन के अलावा और क्या त्वचा को बचाता है?
सनस्क्रीन सबसे अच्छा तब काम करता है जब वह एक बड़े प्लान की एक परत हो। WHO सलाह देता है कि जब UV index 3 या उससे ज़्यादा हो तो अतिरिक्त सावधानी रखें, और भारत के ज़्यादातर हिस्सों में साल के ज़्यादातर दिन ऐसा ही होता है।
- सुबह लगभग 10 बजे से शाम 4 बजे तक, जब धूप सबसे तेज़ होती है, छांव में रहें।
- चौड़े किनारे वाली टोपी पहनें या छाता रखें। दोपहिया वाहन पर सिर और गर्दन पर दुपट्टा या स्कार्फ़ मदद करता है।
- ऐसे sunglasses चुनें जो UV रोकें।
- लंबे समय बाहर रहने वाले दिनों में ढीले, घने बुने हुए कपड़े पहनें जो बाहों को ढकें।
- याद रखें कि UV पानी, रेत और कंक्रीट से परावर्तित होती है, और हल्के बादलों के बीच से भी आप तक पहुंचती है।
सनस्क्रीन की आम गलतियां
- सनस्क्रीन सिर्फ़ धूप वाले दिनों में या सिर्फ़ बाहर जाते समय लगाना।
- पूरे चेहरे के लिए मटर के दाने जितनी मात्रा लगाना।
- सिर्फ़ foundation या compact के SPF पर निर्भर रहना।
- लंबे बाहर वाले दिन में सुबह एक बार लगाकर दोबारा कभी न लगाना।
- पिछले साल की खुली बोतल इस्तेमाल करना जो गर्म कार या बैग में पड़ी रही हो।
- सनस्क्रीन को दूसरी creams के साथ मिलाना, जिससे वह पतला हो जाता है।
क्या सनस्क्रीन बच्चों के लिए और pregnancy में सुरक्षित है?
6 महीने से छोटे शिशुओं को सीधी धूप से दूर रखना चाहिए और सनस्क्रीन की बजाय कपड़ों और छांव से बचाना चाहिए, जब तक डॉक्टर कुछ और न कहें। बड़े बच्चों के लिए mineral सनस्क्रीन एक सौम्य विकल्प है। Pregnancy के दौरान सनस्क्रीन ख़ास तौर पर मददगार है क्योंकि melasma अक्सर इसी समय दिखता या बढ़ता है, और कई महिलाएं mineral formulas पसंद करती हैं। हमारी pregnancy में त्वचा में बदलाव वाली गाइड इसे और विस्तार से बताती है।
Dermatologist को कब दिखाएं
Dermatologist को दिखाएं अगर आपको:
- गालों, माथे या ऊपरी होंठ पर काले धब्बे हो रहे हैं जो सनस्क्रीन के बावजूद फैलते जा रहे हैं।
- धूप में जाने के बाद, या किसी ख़ास सनस्क्रीन को लगाने के बाद rash, खुजली या जलन होती है।
- कोई तिल (mole) या धब्बा दिखता है जिसका आकार, शेप या रंग बदल रहा है, जिससे ख़ून आता है, या जो ठीक नहीं होता।
- ऐसी दवाइयां ले रहे हैं जो आपको धूप के प्रति संवेदनशील बनाती हैं और समझ नहीं आ रहा कि त्वचा को कैसे बचाएं।
- कई सनस्क्रीन आज़मा चुके हैं और कोई भी आपकी त्वचा पर ठीक नहीं बैठता।
अगर आप अपनी स्किन टाइप और चिंताओं के हिसाब से सनस्क्रीन चुनने में मदद चाहते हैं, तो आप Dr. Maria Ansari के साथ online consultation बुक कर सकते हैं।
लोग अक्सर पूछते हैं
अगर मेरी त्वचा सांवली है तो क्या मुझे सनस्क्रीन की ज़रूरत है?
हां। सांवली त्वचा आसानी से नहीं जलती, लेकिन UV और visible light फिर भी टैनिंग, असमान रंगत, melasma और मुंहासों के निशान गहरे होने का कारण बनती हैं, और skin cancer भी हो सकता है। रोज़ सनस्क्रीन हर स्किन टोन के लिए फ़ायदेमंद है।
क्या SPF 100, SPF 50 से बहुत बेहतर है?
ज़्यादा नहीं। SPF 30 लगभग 97 प्रतिशत UVB किरणों को रोकता है और SPF 50 लगभग 98 प्रतिशत, इसलिए इससे ऊपर के नंबर बहुत कम फ़र्क डालते हैं। आप कितना लगाते हैं और कितनी बार दोबारा लगाते हैं, यह कहीं ज़्यादा मायने रखता है।
क्या घर के अंदर भी सनस्क्रीन लगाना ज़रूरी है?
अगर आप खिड़की के पास बैठते हैं, कार से सफ़र करते हैं या तेज़ रोशनी वाले कमरों में समय बिताते हैं, तो UVA शीशे के पार आपकी त्वचा तक पहुंच सकती है। जिन लोगों को melasma या pigmentation है, उन्हें अक्सर घर के अंदर भी सनस्क्रीन लगाने से फ़ायदा होता है।
मेरा सनस्क्रीन सफ़ेद या ग्रे परत क्यों छोड़ता है?
Zinc oxide और titanium dioxide जैसे mineral filters रोशनी को परावर्तित करते हैं और भूरी त्वचा पर चॉक जैसे दिख सकते हैं। Tinted mineral सनस्क्रीन या अच्छी तरह बने chemical या hybrid सनस्क्रीन आमतौर पर त्वचा में बेहतर घुल-मिल जाते हैं।
क्या मेरे moisturiser या makeup में मौजूद SPF काफ़ी है?
अकेले आमतौर पर नहीं, क्योंकि लोग makeup या moisturiser उतनी मात्रा से बहुत कम लगाते हैं जितनी SPF टेस्टिंग में इस्तेमाल होती है। स्किनकेयर के आख़िरी स्टेप में अलग से सनस्क्रीन लगाएं और makeup के SPF को बस एक बोनस मानें।
स्रोत (Sources)
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और किसी योग्य dermatologist से परामर्श की जगह नहीं लेता। इस पेज के आधार पर कोई भी दवा शुरू, बंद या बदलें नहीं। पूरा medical disclaimer (अंग्रेज़ी में) पढ़ें।

